पुणे की सिया गोयल पर अपने रियल्टर मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या का आरोप है। पुलिस की 5,053 पन्नों की चार्जशीट के मुताबिक, केतन को 18 जून 2026 को लोहागढ़ किले पर ले जाया गया, जहां उसे कथित तौर पर खाई में धकेल दिया गया।
पुलिस का दावा है कि हत्या के बाद केतन के परिवार के सामने सिया को अपेक्षित रूप से दुखी न देखकर परिवार को शक हुआ। इसके बाद सिया ने ऑनलाइन यह जानने की कोशिश की कि दुख कैसे जताया जाए और ज्यादा परेशान कैसे दिखा जाए। पुलिस के मुताबिक, इन सर्च का पता डिजिटल सबूतों की जांच के दौरान चला।
सिया ने दुख जताने और पुलिस से बचने के लिए क्या सर्च किया?
- चार्जशीट के अनुसार, सिया ने केतन की मौत के बाद चैटजीपीटी और दूसरे ऑनलाइन स्रोतों पर यह खोजा कि परिवार के सामने किस तरह व्यवहार करना है, क्या कहना है और घबराहट से कैसे बचना है। पुलिस का कहना है कि हत्या की योजना के दौरान भी आरोपियों ने अलग-अलग मामलों और घटनाओं के बारे में जानकारी जुटाई थी।
- जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपियों को शुरू में लगा था कि वे पकड़े नहीं जाएंगे। बाद में सह-आरोपी चेतन चौधरी को पुलिस कार्रवाई का डर सताने लगा। इसके बाद कथित तौर पर यह भी सर्च किया गया कि गिरफ्तारी होने पर कैसे व्यवहार करना है, पूछताछ के दौरान क्या कहना है और घबराने से कैसे बचना है।
राजा रघुवंशी हत्याकांड से लेकर लोहागढ़ की घटनाओं तक क्या खोजा गया?
- पुलिस ने दावा किया है कि केतन की हत्या की योजना बनाते समय सिया ने मेघालय के राजा रघुवंशी हत्याकांड के बारे में भी जानकारी खोजी थी।
- चार्जशीट के अनुसार, इस सर्च में हत्या का तरीका, जांच और आरोपियों तक पुलिस के पहुंचने से जुड़े सुरागों की जानकारी शामिल थी।
- इसके अलावा लोनावला और आसपास खाई या चट्टान से गिरने की घटनाओं के बारे में भी ऑनलाइन जानकारी जुटाई गई।
- इनमें टाइगर प्वाइंट की घटनाएं और लोहागढ़ इलाके में मंसी गोविंदपुरकर नाम की युवती की मौत से जुड़ी जानकारी शामिल बताई गई है।
- पुलिस के अनुसार, 2025 में लोहागढ़ में हुई एक अन्य महिला की मौत से जुड़ी घटना भी सर्च की गई थी।
आरोपियों के बीच कैसे साझा की जा रही थी यह जानकारी?
चार्जशीट के मुताबिक, सिया, चेतन चौधरी और उसके दोस्त तथा सह-आरोपी रितेश हांगे के बीच इन घटनाओं से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए साझा की गई थी। पुलिस ने इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और स्नैपचैट की चैट के साथ इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिले दूसरे डिजिटल सबूत भी जब्त किए हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि इन्हें चार्जशीट के साथ अदालत में पेश किया गया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के व्यवहार और ऑनलाइन गतिविधियों से जुड़े इन डिजिटल रिकॉर्ड की जांच मामले की कड़ी के तौर पर की गई है।
जहर देने की भी तलाश की गई थी, चार्जशीट में और क्या है?
- पुलिस ने चार्जशीट में दावा किया है कि सिया ने केतन को मारने के दूसरे तरीकों के बारे में भी जानकारी खोजी थी। इसमें खाने के जरिए जहर देने और मशरूम से जुड़े सर्च शामिल बताए गए हैं। हालांकि पुलिस ने खुद कहा है कि इन सर्च का हत्या की साजिश से सटीक संबंध क्या था, यह सबूतों के आधार पर अदालत में तय होगा।
- पुणे ग्रामीण पुलिस ने मामले में करीब 80 से 85 गवाहों के बयान दर्ज किए हैं। इनमें तीन ऐसे गवाह भी बताए गए हैं, जिन्होंने कथित तौर पर वारदात के समय सिया और चेतन को देखा था। चार्जशीट में मोबाइल फोन डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, डिजिटल सामग्री, दस्तावेज और गवाहों के बयान शामिल हैं। मामले में अंतिम निष्कर्ष अदालत में पेश सबूतों और सुनवाई के बाद तय होगा।



